नमस्ते ,
क्या हमने सोचा हे की भारत में साक्षरता ,स्वास्थ्य, गरीबी,सामाजिक कुरीति , नशाबंद सफाई,भ्रटाचार आतंकवाद आदि को समाप्त क्यों नहीं हो पाए सभी का मूल कारन खोजे तो वह हे यही आन्दोलन और अभियान हमारी यह मानसिकता हे किसी भी लक्ष्य को पूरा करना हो तो अभियान चलाया जाए .इतने वर्षो के बाद भी केवल अभियान और आन्दोलन ही चलते रहे लेकिन स्थिति वही हे जिन विषयो को लेकर अभियान चलाए वह किसी भी लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाए .बड़ा हास्यास्पद लगता हे आज मेरी चर्चा हे उन्ही अभियानों और आन्दोलनों को लेकर हे .जबकि अभियान और आन्दोलन का आरम्भ ही अंत के लिए होता हे जिसका पूर्ण होना आसन नहीं ये इतने आधारभूत विषय हे जिसके लिए कालावधि निश्चित नहीं की जा सकती अर्थात जिसकी निरंतरता ही स्वाभिक स्थिति हो सकती हे दुसरे शब्दों में .आन्दोलन और अभियान तो कालावधि में समाप्त होते हे , लेकिन कुछ विषय ऐसे होते हे जिसका लक्ष्य ही निरंतरता हे ,इन सभी स्थिति का निराकरण द्रद्द राजनितिक इच्छाशक्ति पर निर्भर हे ये एक योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया जाने वाला काम हे .उपरोक्त विषयो को लेकर लोगो को जगाना पड़ता हे.लेकिन यही वास्तविकता हे तो उसे स्वीकार करते हुए उस पर गंभीरतापूर्वक योजना बनानी पड़ती हे और उस पर ईमानदारी से अमल करना पड़ता हे तभी उसकी सफलता की आशा की जा सकती हे.अभियान नहीं निरंतरता की आवश्यकता हे. जय हिंद .......
Sunday, March 28, 2010
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